Cricket
sachintendulkar
Sachin Tendulkar: सचिन रमेश तेंदुलकर वह नाम जिन्होंने क्रिकेट इतिहास में भगवान की उपलब्धि हासिल की
सचिन रमेश तेंदुलकर क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। सचिन तेंदुलकर एक मात्र भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया है साथ ही साथ वह सबसे कम उम्र के भी भारत रत्न पाने वाले व्यक्ति हैं।
सचिन तेंदुलकर ने अपने क्रिकेट करियर में अनेकों उपलब्धियां हासिल की है। इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक लगाने वाले सचिन तेंदुलकर एकमात्र खिलाड़ी हैं। अभी तक कोई भी खिलाड़ी उनके आस पास भी नहीं आ सका है। दूसरे स्थान पर काबिज रिकी पोंटिंग के 71 शतक हैं जबकि विराट कोहली 70 शतकों के साथ 3 स्थान पर काबिज हैं पर विराट कोहली ने नवंबर 2019 से शतक नहीं लगाया है तो कह सकते हैं कि अभी कोई भी ऐसा खिलाड़ी नही है जो सचिन के 100 शतकों की बराबरी कर सके।
वहीं सचिन के नाम टेस्ट और वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने का भी रिकॉर्ड है। सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट और वनडे में कुल मिलाकर 32 हजार से भी ज्यादा रन बनाए हैं।
सचिन तेंदुलकर का प्रारंभिक जीवन
सचिन तेंदुलकर का जन्म 24 अप्रैल 1973 को मुंबई के राजापुर सारस्वत ब्राह्मण परिवार में हुआ था। सचिन तेंदुलकर के पिता का नाम रमेश तेंदुलकर था जो मराठी भाषा के एक उपन्यासकार थे। सचिन के दो भाई अजीत तेंदुलकर और नितिन तेंदुलकर और एक बहन सविताबाई तेंदुलकर हैं।
सचिन तेंदुलकर के पिता रमेश तेंदुलकर संगीतकार सचिन देव बर्मन के बहुत बड़े प्रशंसक थे जिस कारण उन्होंने सचिन को यह नाम दिया।
सचिन तेंदुलकर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शारदा आश्रम विद्यामंदिर में ग्रहण की। सचिन तेंदुलकर के बड़े भाई अजीत तेंदुलकर ने सचिन के क्रिकेट कौशल को पहचान लिया था और वह हमेशा सचिन को क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित करते थे। उन्होंने सचिन को बेहतर क्रिकेट की शिक्षा देने के लिए कोच रमाकांत आचरेकर के यहां दाखिला करवा दिया।
सचिन तेंदुलकर एक तेज गेंदबाज बनना चाहते थे जिस कारण उन्होंने डेनिस लिली के एम आर एफ पेस फाउंडेशन को ज्वाइन किया लेकिन डेनिस लिली ने सचिन को देखते ही उन्हें अपनी बल्लेबाजी पर फोकस करने के लिए कहा जिसके बाद सचिन केवल अपनी बल्लेबाजी पर ही ध्यान देने लगे।
सचिन के थक जाने पर कोच रमाकांत आचरेकर करते थे अनोखा काम
कोच रमाकांत आचरेकर बताते थे कि सचिन तेंदुलकर प्रैक्टिस में बहुत मेहनत करते थे। सचिन सुबह शाम दोनों वक्त अभ्यास करते थे। सचिन के थक जाने पर कोच रमाकांत आचरेकर विकेट के 1 रुपए का सिक्का रखकर कहते थे कि अगर सचिन आउट न हुए तो यह सिक्का तुम्हारा। सचिन तेंदुलकर ने बताया है कि उनके ऐसे 13 सिक्के अभी भी रखे हैं।
इसी मेहनत के कारण सचिन ने 1988 में हैरिस शील्ड मुकाबले में 324 रनों की पारी खेली थी और अपने सबसे करीबी दोस्त विनोद कांबली के साथ 664 रनों की शानदार साझेदारी की थी।
सचिन तेंदुलकर का क्रिकेट करियर
सचिन तेंदुलकर ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत महज 16 साल की उम्र में ही कर दी थी। सचिन तेंदुलकर ने अपना पहला टेस्ट मैच 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ महज 16 साल की उम्र में खेला लेकिन सचिन अपनी पहली पारी में शून्य पर आउट हो गए।
सचिन तेंदुलकर ने अपने टेस्ट कैरियर का पहला शतक इंग्लैंड में इंग्लैंड के खिलाफ 1990 में लगाया। उन्होंने इस मैच में 119 रनों की नाबाद पारी खेली थी। इसी प्रकार सचिन तेंदुलकर का शानदार प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका दौरे पर भी जारी रहा।
सचिन तेंदुलकर ने अपना पहला घरेलू मुकाबला 1992-93 सीरीज में इंग्लैड के खिलाफ खेला। यह घरेलू मुकाबला पूरे 22 टेस्ट मैच विदेशों में खेलने के बाद आया।
सचिन तेंदुलकर ने अपने क्रिकेट करियर में 200 टेस्ट और 462 वनडे मुकाबले खेले हैं।
सचिन ने अपने टेस्ट कैरियर में 329 पारियों में 53.79 की औसत से 15921 रन बनाए जिसमें 51 शतक और 68 अर्धशतक शामिल हैं। टेस्ट क्रिकेट में सचिन का बेस्ट स्कोर 248* रन है। सचिन तेंदुलकर के अलावा किसी और बल्लेबाज ने टेस्ट क्रिकेट में 50 शतकों का आंकड़ा नहीं छुआ है। वहीं सचिन ने टेस्ट में गेंद से भी 46 खिलाड़ियों को अपना शिकार बनाया है।
वहीं सचिन तेंदुलकर के वनडे करियर की बात जाए तो उन्होंने 463 मैचों की 452 पारियों में 44.83 की औसत से 18426 रन बनाए जिसमे उन्होंने 49 शतक और 96 अर्धशतक ठोके हैं। वनडे क्रिकेट में सचिन का सर्वोत्तम स्कोर 200* का है। इस दौरान सचिन ने 154 विकेट भी चटकाए हैं।
सचिन ने अपने क्रिकेट करियर में केवल एक टी20 मैच खेला है जिसमे उन्होंने 10 रन बनाए और 1 विकेट झटका है।
सचिन तेंदुलकर ने अपना महाशतक एशिया कप में बांग्लादेश के खिलाफ मीरपुर में लगाया।
नहीं दिखा पाए कप्तानी में जलवा
सचिन तेंदुलकर को 1996 वर्ल्ड कप के दौरान टीम का कप्तान बनाया गया लेकिन वह कप्तानी में ज्यादा सफल नहीं हो सके और 1998 में उन्होंने कप्तानी छोड़ दी। लेकिन 1999 में फिर उन्हें भारतीय टीम का कप्तान बना दिया गया लेकिन इस बार भी उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और उन्होंने 2000 में कप्तानी सौरभ गांगुली को सौंप दी। सचिन तेंडुलकर ने अपनी कप्तानी में 25 टेस्ट मैच में से केवल 5 मैच ही जीत पाय।
और सचिन की क्रिकेट से विदाई
सचिन तेंदुलकर ने 23 दिसंबर 2012 को वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया लेकिन उन्होंने टेस्ट क्रिकेट खेलना जारी रखा। लेकिन यह सिलसिला भी 16 नवंबर 2013 को थम गया और उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास की घोषणा कर दी। सचिन ने अपना आखिरी टेस्ट मैच वेस्ट इंडीज के खिलाफ खेला जिसमे उन्होंने 74 रन की पारी खेली।
इस तरह सचिन तेंदुलकर का 24 का अंतराष्ट्रीय करियर 16 नवंबर 2013 को समाप्त हो गया। सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट करियर में कुल मिलाकर 34357 रन बनाए जिसमे 100 शतक और 164 अर्धशतक शामिल हैं।
सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज उपलब्धियां
- सचिन तेंदुलकर इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक लगाने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं।
- सचिन तेंदुलकर टेस्ट में 15000 से ज्यादा रन बनाने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं।
- सचिन तेंदुलकर वनडे क्रिकेट में 18000 से ज्यादा रन बनाने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं।
- वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी।
- वनडे में उनके नाम सबसे ज्यादा 49 शतक हैं।
- टेस्ट क्रिकेट में सचिन के नाम सबसे ज्यादा 51 शतक दर्ज है।
- वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द सीरीज बनने वाले खिलाड़ी।
- वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द मैच बनने वाले खिलाड़ी।
- 200 टेस्ट मैच खेलने वाले सचिन एकमात्र खिलाड़ी हैं।
- वनडे में सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड।
- वनडे विश्व कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी।
सचिन तेंदुलकर को मिलने वाले पुरस्कार
- 1994 में सचिन तेंदुलकर को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- 1998 में खेलों में दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- भारत का चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पद्मश्री उन्हें 1999 में प्रदान किया गया।
- 2008 में भारत के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
- सचिन तेंदुलकर के लिए सबसे स्वर्णिम अवसर 2014 में आया जब उन्हें भारत के सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
- सचिन तेंदुलकर भारत रत्न पाने वाले पहले और अभी तक एकमात्र खिलाड़ी हैं।
- सचिन तेंदुलकर यह पुरस्कार पाने वाले सबसे युवा व्यक्ति भी हैं।





0 Comments: